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पड़ताल: भाजपा सरकार के बड़े माननीय, बेसहारा मासूम और संगठित सेक्स स्कैंडल

यूपी बिहार सेक्स सकैंडल: अभी बिहार के मुज़फ्फरपुर जिले में एक बालिका गृह की 34 नाबालिग लड़कियों के साथ रेप का मामला सुलझा भी नहीं था कि, बिहार बाॅर्डर से सटे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से ऐसा ही बालिका गृह पकड़ा गया. अवैध रूप से चल रहे इस मां विंध्यवासिनी बालिका गृह से 24 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया और 18 का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है.

देवरिया के मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह से किसी तरह बच कर भाग निकली एक नाबालिग की आपबीती सुनकर किसी ने पुलिस के पास पहुंचाया. नाबालिग ने बताया कि बालिका संरक्षण गृह में वो झाडू़-पोछा करती है. बालिका गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी यहां रह रही दूसरी लड़कियों को जबरन किसी के साथ कार से भेजा करती थी. नाबालिग लड़कियां शाम चार बजे के करीब कार से जाती थी और अगली सुबह वापस लौटती थी. पुलिस के पास पहुंची नाबालिग ने बताया कि जब वो उन लड़कियों की आंखें रोने के कारण सुर्ख लाल रहती थी. जब उनसे पूछा जाता था तो वो बिना कुछ बताये रोती रहती थी. आगे नाबालिग ने बताया कि कई बार लड़कियों के मना करने पर उनके हाथ-पांव बांधकर भी भेजा जाता था. हर बार गाड़ियां भी अलग-अलग रंग की आती थी.

यूपी बिहार बालिकागृह सेक्स स्कैंडल

नाबालिग के इस बयान के बाद पुलिस ने रेड डालकर बालिका गृह से 24 लड़कियों को छुड़ाया. पुलिस के मुताबिक यहां 42 लड़कियों की सूची मिली है जिनमें से 18 अभी लापता हैं. संचालिका को उसके पति और बेटे सहित गिरफ्तार कर लिया गया है.मीडिया के सवाल पर संचालिका ने सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उसके चलाये जा रहे बालिका गृह में पुलिस के बच्चे भी आते थें. करीब 300 से ज्यादा पुलिस के बच्चों को उसने अपने बालिका गृह में खिलाया-पिलाया है. एक महिला एसएचओ का भी ज़िक्र करते हुए संचालिका ने कहा कि अगर उस बालिका गृह में ऐसा कुछ हो रहा होता तो पुलिस कांस्टेबल वहां अक्सर आते-जाते थे, उन्हें इस बात की भनक कैसे नहीं लगी.

बता दें कि मां विंध्यवासिनी बालिका गृह में आनियमित्ता की सीबीआई जांच भी पहले हो चुकी है. जांच के बाद आरोप सिद्ध होने के बाद बालिका गृह का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया था. इसके बावजूद इलाके की दबंग महिला संचालिका गिरिजा त्रिपाठी बालिका गृह चला रही थी. कई बार सरकारी नोटिस भेजी गई और पुलिस ने भी मौके पर पहुंच कर बालिका गृह बंद करने और बच्चियों को किसी दूसरे बालिका गृह में स्थानांतरण करने को कहा. लेकिन दबंग संचालिका ने किसी की परवाह नहीं की.

यूपी बिहार बालिकागृह सेक्स स्कैंडल

बालिका गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी का कहना है कि बालिका गृह के संचालन के लिए उसे तीन साल से सरकारी धन नहीं मिला है. खर्चा चलाने के सवाल पर उसने कहा कि एडाॅप्शन से मिली रकम से वो तीन साल से बालिका गृह का संचालन कर रही है. बिना लाइसेंस के अवैध रूप से चला रहे बालिका गृह में एडाॅप्शन एक अपराध है. इसके बावजूद यदि इस तरह की बात सामने आई तो सीधे तौर पर यह शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही है.

गौरतलब है कि बिहार के मुज़फ्फरपुर में एक बालिका गृह से 34 बच्चियों के साथ घिनौनी हरकर और हैवानियत की कहानी जब सामने आई तो इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. अभी देश की जनता मुज़फ्फरपुर बालिका गृह कांड से उभरी भी नहीं थी कि ठीक ऐसा ही एक दूसरा मामला बिहार बाॅर्डर से सटे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला से सामने आ गया. बता दें कि देवरिया पूर्वांचल के जिलों में आता है जहां वर्तमान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की धाक सालों से रही है. इस तरह बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी के भगवा ब्रिगेड मुख्यमंत्री के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वो इस घटना पर अपने विपक्षी दलों को किस तरह जवाब देंगे.

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