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मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हो सकती हैं ये बीमारियां, इन अंगों में हो सकता है कैंसर

नई दिल्ली. मोबाइल फोन आपकी सेहत के साथ किस तरह से पेश आ रहा है। इसको लेकर आए दिन चर्चा होती रहती है। यह भी कहा जा रहा है कि फोन को लेकर सरकार भले ही कोई गाइडलाइन न जारी करें, लेकिन हकीकत तो ये है कि आपकी सेहत खतरे में है। आपके मोबाइल फ़ोन से निकलने वाले रेडिएशन से कितना नुकसान होता है? क्या इन रेडिएशन से ट्यूमर होने का ख़तरा है? इनसे कैसे बचा जा सकता है? इन सवालों पर वैज्ञानिक कई सालों से ख़ोज कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सटीक जवाब नहीं मिला है। लेकिन दो बात हमें पता है वो ये है कि रेडियो फ्रीक्वेंसी वेब नॉन आओनाइज़ेशन रेडिएशन हैं, जो कि एक्स रे और अलट्रावॉयलेट रेडिएशन की तुलना में कम ताक़तवर होते हैं।
एक्स रे और अलट्रावॉयलेट रेडिएशन हमारे डीएनए में मौजूद केमिकल बॉन्ड को तोड़ने की क्षमता रखते हैं। अमरीकन कैंसर सोसाइटी शोध कर रही है कि क्या इन रेडिएशन से दिमाग, सिर और गले में ट्यूमर हो सकता है। सोसाइटी के मुताबिक मोबाइल फ़ोन से निकलने वाले रेडिशन में इतनी ताक़त तो नहीं होती है कि वो हमारे डीएनए में बदलाव ला सकें इसलिए ये अभी तक साफ़ नहीं है कि मोबाइल के रेडिएशन कैसे कैंसर जैसी बीमारी पैदा कर सकते हैं। किस फ़ोन से ज़्यादा रेडिएशन किस फ़ोन से कितना रेडिएशन निकलता है,ये जानने के लिए स्पेस्फिक एबसॉर्पशन रेट यानि कि एसएआर एक पैमाना बनाया गया है। इससे हमें ये पता चलता है कि किस तरह के रेडिएशन का असर मानव शरीर में रह जाता है। एसएआर वो लेवल होता हो जो कि जो तब निकलता है जब आपका मोबाइल सबसे ज़्यादा पावर का इस्तेमाल कर रहा होता है।
मोबाइल बनाने वाली कंपनियों को इसकी जानकारी देश के रेग्यूलेटरी संस्था को देनी होती है, लेकिन हम से ज़्यादातर लोग फ़ोन ख़रीदते समय इस पर ध्यान नहीं देते। जर्मन फ़ेडरल ऑफ़िस फॉर डेटा प्रोटेक्शन ने एक लिस्ट बनाई है, जिसमें कई नए और पुराने स्मार्टफ़ोन से निकलने वाले रेडिएशन की जानकारी दी गई है। सबसे ज़्यादा रेडिएशन वाली लिस्ट में वन प्लस और हूआवी और नोकिया लूमिया सबसे ऊपर हैं। आईफ़ोन 7 दसवें, आई फ़ोन 8 बारहवें और आई फ़ोन 7 प्लस पंद्रहवें नंबर पर है। सोनी एक्सपीपिया एक्स ज़ेड कॉम्पैक्ट (11) ज़ेड टी ई एक्सॉन 7 मिनी (13) ब्लैकबेरी डीटीईके 60(14) भी इस लिस्ट में शामिल हैं। मोबाइल रेडिएशन को लेकर कोई भी ऐसी गाइडलाईन नहीं है, जो बता सके कि कितने रेडिएशन को सुरक्षित माना जा सकता है। जर्मनी की एक एजेंसी केवल उन्हीं फ़ोन को मान्यता देती है जिनका एब्सार्पशन लेवल 0.60 से कम होता है। इस लिस्ट में जितने भी फ़ोन है उनका लेवल इससे दोगुना है। सबसे कम रेडिएशन वाले फ़ोन की बात करें तो, इस लिस्ट में सोनी एस्पीरिया एम 5 (0.14) सबसे ऊपर है। इसके बाद सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 (0.17) एस सिक्स एज प्लस (0.22) गूगल प्लस एकसेल (0.25), और सैमसंग गैलेक्ली एस 8 (0.26) और एस 7 एज (0.26) हैं।
साभारः बीबीसी

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